ChhattisgarhDurg

भरी दोपहरी, तपती सड़क और ‘गौ माता’ के लिए दंडवत: दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुंचे ओमेश बिसेन, अवैध डेयरियों के खिलाफ खोला मोर्चा

दुर्ग। अमूमन आपने आस्था, मन्नत या किसी सिद्ध देवी मंदिर के लिए भक्तों को दंडवत यात्रा करते देखा होगा। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ऐसी दंडवत यात्रा देखने को मिली, जिसने न सिर्फ लोगों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि प्रशासनिक महकमे में भी खलबली मचा दी है। यह अनोखी और कठिन यात्रा किसी व्यक्तिगत मन्नत के लिए नहीं, बल्कि बेजुबान गौ माताओं की चीख और अवैध डेयरी संचालकों की मनमानी के खिलाफ निकाली गई।

झुलसा देने वाली गर्मी में 3 दिनों का ‘सख्त तप’

हाथ में श्रीफल (नारियल) लिए, तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी के बीच सड़क पर लेट-लेटकर आगे बढ़ते इस शख्स का नाम है ओमेश बिसेन। गौ हत्या और कथित अवैध डेयरियों के संचालन के खिलाफ ओमेश ने प्रशासन को जगाने के लिए यह ‘दंडवत प्रतिज्ञा’ ली।
यह तीन दिवसीय आंदोलनकारी यात्रा बीते 18 मई को सुपेला स्थित प्रसिद्ध ‘तीन दर्शन मंदिर’ से पूरी श्रद्धा और आक्रोश के साथ प्रारंभ हुई थी। शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए, भीषण गर्मी को मात देकर यह यात्रा आज दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुंची।

Advertisement

अमानवीयता की हदें पार, अवैध डेयरियों में शोषण का आरोप

कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे गौ सेवकों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “गौ माता की जय” और “गौ हत्या बंद करो” के गगनभेदी नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। कलेक्ट्रेट में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए ओमेश बिसेन ने गंभीर आरोप लगाए।

“गोवंश के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार की जा रही हैं। अवैध रूप से संचालित हो रही डेयरियों में गौ माताओं का बेरहमी से शोषण हो रहा है। प्रशासन सब कुछ जानकर भी मौन साधे बैठा है।”
– ओमेश बिसेन, गौ सेवक

कानूनी कार्रवाई की मांग, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय को सौंपे ज्ञापन में साफ तौर पर मांग की है कि नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत चल रही सभी कथित अवैध डेयरियों की तत्काल जांच हो। साथ ही, गो सेवा आयोग के कड़े नियमों और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
इस दंडवत यात्रा और प्रदर्शन में भारी संख्या में स्थानीय गौ भक्त, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। गौ सेवकों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस गंभीर मामले में जल्द ही कोई ठोस और सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप अख्तियार करेगा।
रिपोर्टर: करण ताम्रकार
लोकेशन: दुर्ग (छत्तीसगढ़)

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button