

25 पन्नों के कथित सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज, मंत्री से लेकर अधिकारियों तक पर गंभीर आरोप
दुर्ग| पीएचई विभाग के ठेकेदार गणेस्वर जंघेल की आत्महत्या का मामला अब बड़ा प्रशासनिक और सियासी मुद्दा बन गया है। मामले में मिले करीब 25 पन्नों के कथित सुसाइड नोट में विभाग में 18% कमीशन खोरी का दावा किया गया है। पुलिस ने दस्तावेजों के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की प्रताड़ना, बिलों का लंबे समय तक भुगतान नहीं होना और बढ़ते कर्ज के दबाव में गणेस्वर जंघेल को आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर किया। कथित सुसाइड नोट में अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, एसडीओ, सब इंजीनियर, बाबू और अकाउंटेंट तक को कमीशन दिए जाने का उल्लेख होने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि आत्महत्या से करीब 3 महीने पहले गणेस्वर जंघेल ने विभाग में कथित रिश्वतखोरी से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल किया था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वही, आरोपों पर पीएचई विभाग के अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट और अन्य दस्तावेजों की सत्यता की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

