54 किसानों की कर्जमाफी पर फिर गरमाया मामला, 7 सितंबर से क्रमिक भूख हड़ताल का ऐलान

धमधा में किसान बंधु संगठन का आंदोलन तेज, IDBI ऋणमाफी और परसबोड़ के ट्रांसफार्मर को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा

धमधा। दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक में किसानों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक ने IDBI बैंक से जुड़े 54 किसानों के कथित लंबित ऋणमाफी प्रकरण और ग्राम परसबोड़ में विद्युत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
संगठन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, ग्राम पौंडी, परसबोड़, कुटहा, खपरी, खेरीडिही एवं हिरतरा के कुल 54 किसानों का ऋणमाफी प्रकरण लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है। संगठन का दावा है कि वर्ष 2018-19 में करीब 20 किसानों का 100 प्रतिशत ऋण माफ किया गया था, जबकि शेष किसानों को अब तक ऋणमाफी का लाभ नहीं मिल पाया है।
कलेक्टर से लेकर अधिकारियों तक आवेदन, फिर भी समाधान का इंतजार
किसान संगठन के अनुसार, इस मामले को लेकर पूर्व में दुर्ग कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। प्रभावित किसानों की सूची को लेकर बैठकें भी आयोजित की गईं, लेकिन संगठन का कहना है कि पात्र किसानों को अब तक ऋणमाफी का लाभ नहीं मिला है।
किसान बंधु संगठन ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर IDBI बैंक नेहरू नगर मिलाई, दुर्ग और चरोदा शाखा की जिम्मेदारी तय करने तथा पात्र किसानों के लंबित ऋण को शीघ्र माफ करने की मांग उठाई है।
परसबोड़ में ट्रांसफार्मर भी बना बड़ा मुद्दा
किसानों की दूसरी प्रमुख मांग ग्राम परसबोड़ में आबादी एवं मुख्य मार्ग के समीप स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की है। संगठन के मुताबिक, ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के लिए विद्युत विभाग द्वारा ₹76,444.62 की राशि की मांग की गई है, जिसे ग्रामीणों के लिए वहन करना मुश्किल बताया गया है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रांसफार्मर को जल्द सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और इसका आर्थिक भार ग्रामीणों पर न डाला जाए।
7 सितंबर से SDM कार्यालय के सामने आंदोलन
किसान बंधु संगठन ने घोषणा की है कि मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में 7 सितंबर 2026 से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
स्थान: अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय के सामने, सिलसिलाभाटा चौक, धमधा
समय: दोपहर 2 बजे से
आयोजक: बाबा टेकसिंह पेंदेल, किसान नेता
संगठन ने क्षेत्र के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में सहभागिता दर्ज कराने की अपील की है।
“मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज”
किसान बंधु संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसानों की मांगों का समाधान नहीं होता है तो क्रमिक भूख हड़ताल को आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन ने आंदोलन के दौरान किसी किसान के स्वास्थ्य अथवा जीवन को नुकसान पहुंचने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही है।
अब देखना होगा कि 54 किसानों की ऋणमाफी और परसबोड़ के ट्रांसफार्मर से जुड़ी मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और 7 सितंबर से प्रस्तावित आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।


