4 परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का आरोप, बातचीत पर ₹10 हजार जुर्माने का कथित फरमान


बेमेतरा/साजा। बेमेतरा जिले के साजा थाना क्षेत्र के ग्राम काचरी में चार परिवारों के कथित सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवारों ने साजा थाने में शिकायत देकर गांव में बैठक के दौरान सामाजिक बहिष्कार का फरमान जारी किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें गांव की सामाजिक गतिविधियों से अलग कर दिया गया है और परिवारों से बातचीत या उन्हें दुकान से सामान देने वाले व्यक्ति पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाने की बात कही गई है। वहीं, कथित फरमान की सूचना देने वाले को 2,500 रुपये इनाम देने की घोषणा किए जाने का भी आरोप है।
चार परिवारों के बहिष्कार का आरोप
पीड़ित पक्ष के अनुसार सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जद में अर्जुन साहू, मनोज साहू, रमेश साहू और कलाराम वर्मा के परिवार शामिल हैं। उनका आरोप है कि गांव में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन परिवारों से किसी भी प्रकार का सामाजिक संपर्क रखने वालों के खिलाफ आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
पीड़ितों का कहना है कि इस कथित बहिष्कार के चलते गांव में पारंपरिक रूप से मिलने वाली नाई, पंडित और पौनी-पसारी जैसी सामाजिक सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। इससे परिवारों को पूजा-पाठ से लेकर रोजमर्रा के कामों तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सावन में मंदिर के कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से बैठक में नहीं पहुंचने का दावा
पीड़ित परिवारों के मुताबिक हर वर्ष की तरह सावन मास में गांव के शिव मंदिर में आयोजित रुद्राभिषेक कार्यक्रम में शामिल होने के कारण वे गांव की बैठक में उपस्थित नहीं हो सके थे। उनका आरोप है कि इसी बात को लेकर नाराजगी जताई गई और बाद में उनके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
पिछले साल हुई चोरी के विवाद से जुड़ा मामला
पीड़ितों ने पूरे विवाद की एक कड़ी 24 मई 2025 को श्रीमती रेखा बाई साहू के घर हुई कथित चोरी की घटना से भी जोड़ी है। उनके अनुसार घर से करीब 7 लाख रुपये के जेवर और 5 हजार रुपये नकद चोरी हुए थे। पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस पूछताछ के दौरान भोजराज साहू नामक व्यक्ति द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन आगे ठोस कार्रवाई नहीं होने से विवाद बढ़ता गया।
पीड़ितों के अनुसार इसके बाद आरोपी पक्ष की ओर से गांव में बैठक बुलाई गई। बैठक में शामिल नहीं होने के बाद कथित तौर पर पीड़ित परिवारों और उनका समर्थन करने वाले कुछ परिवारों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
प्रशासन से न्याय की गुहार
सामाजिक बहिष्कार के आरोपों से परेशान चारों परिवारों ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कथित सामाजिक बहिष्कार के कारण उन्हें सामाजिक और दैनिक जीवन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
फिलहाल, मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा साजा थाने में शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है। सामाजिक बहिष्कार से जुड़े आरोपों और गांव में जारी किए गए कथित फरमान की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस एवं प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच अथवा कार्रवाई संबंधी जानकारी सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।
