“ग्राहकों से किस्त वसूली, कंपनी में नहीं जमा की रकम; ₹4.85 लाख गबन में पूर्व मैनेजर गिरफ्तार”

धमधा| भारत फाइनेंसियल इन्क्लूजन लिमिटेड की धमधा शाखा से जुड़े 34 ग्राहकों की लोन किस्त और बकाया राशि कंपनी में जमा नहीं करने के मामले में धमधा पुलिस ने फरार चल रहे पूर्व संगम मैनेजर को दल्लीराजहरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर कुल ₹4,85,575 की राशि का गबन करने का आरोप है।
ग्राहकों से वसूली, कंपनी में नहीं की जमा
पुलिस के अनुसार आरोपी रणजीत सिंह (28) भारत फाइनेंसियल इन्क्लूजन लिमिटेड की धमधा शाखा में करीब छह महीने तक संगम मैनेजर के पद पर कार्यरत था। उसकी जिम्मेदारी गांवों में जाकर कंपनी से जुड़े सदस्यों को लोन वितरित करने और उनसे लोन की किस्त एवं बकाया राशि वसूलकर कार्यालय में जमा कराने की थी।
विवेचना में सामने आया कि 26 दिसंबर 2023 से 28 मई 2024 के बीच आरोपी ने कुल 34 सदस्यों से किस्त एवं बकाया राशि के रूप में ₹4,85,575 प्राप्त किए, लेकिन यह रकम कंपनी के कार्यालय में जमा नहीं की गई।
राशि निजी खर्च में करने की बात
पुलिस के मुताबिक मामले की जांच के दौरान आरोपी पर कंपनी और संबंधित ग्राहकों की राशि का गबन किए जाने की बात सामने आई। पूछताछ में आरोपी ने घटना करना स्वीकार किया और पुलिस को बताया कि गबन की गई राशि को उसने खाने-पीने में खर्च किया।
घटना के बाद से था फरार
मामला सामने आने के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। धमधा पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना और साइबर टीम की तकनीकी सहायता के आधार पर पुलिस को आरोपी के दल्लीराजहरा में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने दल्लीराजहरा, जिला बालोद पहुंचकर आरोपी रणजीत सिंह को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
कैसे करता था गबन?
पुलिस के अनुसार आरोपी कंपनी के संगम मैनेजर के तौर पर ग्राहकों से लोन की किस्त और बकाया राशि वसूलता था। इसके बाद रकम को कंपनी कार्यालय में जमा करने के बजाय अपने पास रख लेता था और बाद में निजी खर्च में इस्तेमाल करता था।
प्रकरण में पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा गबन की राशि खर्च किए जाने की बात कही गई है। मामले में किसी नगद राशि की बरामदगी दर्शित नहीं है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वित्तीय लेन-देन के दौरान रसीद एवं भुगतान से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखें। किसी कर्मचारी या व्यक्ति द्वारा राशि लेने के बाद संबंधित संस्था में जमा नहीं करने अथवा किसी वित्तीय अनियमितता की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित संस्था और पुलिस को सूचना दें।
पुलिस की इस कार्रवाई में थाना धमधा पुलिस टीम के साथ साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

