
सैकड़ो कार्यकर्ता – सहायिकाएं कलेक्ट्रेट के सामने धरना धरने पर बैठी, मांगे पूरी नहीं होने पर 10 अगस्त को ‘जेल भरो आंदोलन’ की चेतावनी

राजनांदगांव| अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने शुक्रवार को ट्रेड यूनियन के बैनर तले काला दिवस मनाते हुए जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने आयोजित धरना – प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं काली पट्टी व काले वस्त्र पहन कर पहुंची तथा केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम 19 सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौपा गया।
आंदोलन के दौरान यूनियन की जिला सचिव चित्रलेखा साहू ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि पेंशन, श्रम कानून के पालन और बेहतर कार्य सुविधाओं जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कार्यकर्ताओं से प्रतिदिन 6 घंटे काम कराया जाता है, जबकि कई अन्य राज्यों में केवल चार घंटे कार्य लिया जाता है। इससे कार्यकर्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 10 अगस्त को प्रदेश भर में ‘जेल भरो आंदोलन’ किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

ये है प्रमुख मांगे – आंगनबाड़ी यूनियन ने कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर नियमित करने, कार्यकर्ताओं के लिए ₹41000 और सहायिकाओं के लिए ₹35000 न्यूनतम मानसिक वेतन तय करने, 18000 रुपए मासिक पेंशन, प्रतिवर्ष 10% वेतन वृद्धि, सवेतन चिकित्सा अवकाश, ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश, डिजिटल कार्यों के लिए डेटा पैक सहित उच्च गुणवत्ता के टैबलेट उपलब्ध कराने, पोषण ट्रैकर ऐप के नाम पर अनावश्यक दबाव बंद करने तथा श्रम कानूनो से जुड़े प्रावधानों को लागू करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगे सरकार के समक्ष रखी हैं।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं होती तब तक उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा यह प्रदर्शन जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अब तक के प्रमुख आंदोलन में से एक माना जा रहा है।
