

दुर्ग – भिलाई। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े कारोबारी सौरभ चंद्राकर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से संचालित बताए जा रहे सोशल मीडिया अकाउंट के बीच कथित बातचीत के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इन स्क्रीनशॉट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ा रुक अपनाते हुए उन्हें पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया है। वही शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो युटयुबर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ स्क्रीनशॉट वायरल किए गए, जिनमें दावा किया गया की महादेव ऐप से जुड़े कारोबारी सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और भूपेश बघेल के नाम से जुड़े बताए जा रहे हैं एक सोशल मीडिया प्रोफाइल के बीच बातचीत हुई थी। स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियांराे में चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वायरल किए जा रहे स्क्रीनशॉट पूरी तरह फर्जी है और डिजिटल रूप से छेड़छाड़ कर तैयार किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पद अधिकारियों ने विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता थाने पहुंचे तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और पूर्व मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है।
इस मामले में छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है। प्रारंभिक जांच और शिकायत के आधार पर युटुबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि वायरल सामग्री की सत्यता उनके स्रोत और प्रसारण से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में बना हुआ है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही वायरल चैट की वास्तविकता और पूरे विवाद की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

(नोट: वायरल स्क्रीनशॉटस की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है मामले की जांच पुलिस द्वारा जारी है।)