धमधा में पेयजल संकट गहराया: वार्ड 9 से 15 तक चौथे रोज भी नलों नहीं पहुंचा पानी, जनता बेहाल

नगर पंचायत की लापरवाही या व्यवस्थागत विफलता? चार रोज से जलापूर्ति ठप, लोगो में बढ़ता आक्रोश
धमधा। नगर पंचायत धमधा के वार्ड क्रमांक 9 से 15 तक के रहवासियों इन दिनों गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लगातार चौथे रोज भी नलों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी, जिससे हजारों नागरिकों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो गई है। भीषण गर्मी और बढ़ती पानी की आवश्यकता के बीच जल आपूर्ति बंद रहने से आमजन में नगर पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब भी जलआपूर्ति बंद होने की वजह पुछी जाती है, तो नगर पंचायत के कर्मचारियों द्वारा कभी बिजली बंद होने, तो कभी पाइपलाइन मरम्मत कार्य का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जाता है लेकिन चार रोज से पानी नहीं मिलने के कारण अब लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है।
नल के पानी के पानी पर निर्भर परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित

वार्ड 9 से 15 के कई परिवार ऐसे है जिनकी पूरी जल व्यवस्था नगर पंचायत की नल सप्लाई पर ही निर्भर है। पानी नहीं मिलने से लोगों को निजी बोर, हैंडपंप या टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गई है।
महिलाओं और बुजुर्गों को पानी के लिए इधर – उधर भटकना पड़ रहा है। कई घरों में पीने के पानी तक का संकट उत्पन्न हो गया है, जबकि दैनिक उपयोग के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
जनता का सवाल: आखिर कब तक मिलेगा बहाना कब मिलेगी पानी की सप्लाई?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पाइपलाइन या बिजली संबंधी समस्या है तो नगर पंचायत को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। लेकिन लगातार बहाने बाजी और समस्या के स्थाई समाधान का अभाव लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जलापूर्ति बहाल की जाए तथा समस्या के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा ना बने, इसके लिए स्थायी समाधान भी सुनिश्चित किया जाए।
चार दिनों से सूखे पड़े नल अब नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जनता को इंतजार है कि आखिर राहत कब मिलेगी और जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेंगे।
