नितिन नबीन की तिरंगा तस्वीर से कथित छेड़छाड़ पर FIR, धमधा के पूर्व पार्षद अरुण साहू पर मामला दर्ज

रायपुर/धमधा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की तिरंगा फहराते हुए तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद सामने आया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास की शिकायत पर रायपुर के सिविल लाइन थाना पुलिस ने कांग्रेस IT सेल से जुड़े नेता अरुण साहू के खिलाफ FIR दर्ज की है। अरुण साहू धमधा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और पूर्व में पार्षद भी रह चुके हैं।
तिरंगा फहराते हुए तस्वीर में कथित छेड़छाड़ का आरोप

शिकायत के मुताबिक, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान नितिन नबीन ने अपने निवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस दौरान सामने आई तस्वीर और वीडियो भी उपलब्ध होने की बात कही गई है।
भाजपा का आरोप है कि अरुण साहू ने नितिन नबीन की तिरंगा फहराते हुए तस्वीर में कथित तौर पर डिजिटल बदलाव कर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। भाजपा ने इसे भ्रामक सामग्री बताते हुए आरोप लगाया कि पोस्ट के जरिए नितिन नबीन की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
पोस्ट हटाने के बाद स्क्रीनशॉट के आधार पर शिकायत

शिकायत में कहा गया है कि संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट बाद में हटा दिया गया। हालांकि, भाजपा की ओर से कथित पोस्ट का स्क्रीनशॉट पुलिस को उपलब्ध कराया गया है। पुलिस अब पोस्ट की सत्यता, तस्वीर में कथित बदलाव, उसके स्रोत और सोशल मीडिया पर प्रसार से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR

पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम की धारा 2 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच जारी है और पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े अन्य तथ्यों एवं डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस नेताओं की ओर से राष्ट्रध्वज और भाजपा नेताओं से जुड़े मामलों को लेकर सोशल मीडिया पर बिना तथ्य-जांच के सामग्री प्रसारित की जा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज और राष्ट्रपर्व से जुड़े आपत्तिजनक पोस्ट के मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
धमधा से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर भी चर्चा
FIR में नाम सामने आने के बाद यह मामला धमधा क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बन गया है। अरुण साहू धमधा से जुड़े रहे हैं और पूर्व पार्षद के रूप में भी अपनी राजनीतिक भूमिका निभा चुके हैं। वर्तमान में कांग्रेस IT सेल से उनकी संबद्धता को लेकर भी यह मामला राजनीतिक हलकों में चर्चा में है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि FIR दर्ज होना आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं है। तस्वीर के साथ वास्तव में किस प्रकार का बदलाव किया गया, पोस्ट किस परिस्थिति में तैयार और साझा की गई तथा इसके पीछे क्या उद्देश्य था—इन सभी पहलुओं का अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
फिलहाल मामला दर्ज हो चुका है और जांच जारी है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि पुलिस की डिजिटल जांच में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

