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भीषण गर्मी में बदहाल व्यवस्था : रजिस्टार ऑफिस और व्यवहार न्यायालय परिसर में पानी तक नसीब नहीं, गंदगी से लोग परेशान

धमधा। एक ओर जहां भीषण गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कार्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। धमधा स्थित रजिस्टार ऑफिस एवं व्यवहार न्यायालय परिसर में इन दिनों पेयजल संकट और खराब सफाई व्यवस्था के कारण आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचने वाले लोगों को यहां पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

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बताया जा रहा है कि रजिस्ट्री, शपथ पत्र, दस्तावेजी कार्य एवं न्यायालयीन मामलों के लिए बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन परिसर पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले नागरिक और छोटे बच्चों के साथ पहुंचे परिवार भी शामिल रहते हैं। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को घंटों तक अपने काम के लिए इंतजार करना पड़ता है, लेकिन परिसर में ठंडे या स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है।

कई नागरिकों ने बताया कि परिसर में लगे पानी के स्रोत या तो बंद पड़े रहते हैं या फिर वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में लोगों को मजबूरी में बाहर दुकानों से पानी खरीदना पड़ता है। गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी से खासतौर पर बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों की हालत खराब हो रही है।

सिर्फ पेयजल ही नहीं, बल्कि परिसर में स्थित टॉयलेट और बाथरूम की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण वहां गंदगी पसरी रहती है और दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। कई जगहों पर पानी की कमी के कारण शौचालय उपयोग करने योग्य स्थिति में भी नहीं रहते। इससे महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

न्यायालय परिसर जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल में ऐसी अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि जहां रोजाना सैकड़ों लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचते हैं, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

स्थानीय लोगों एवं अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि भीषण गर्मी को देखते हुए तत्काल स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही परिसर के टॉयलेट और बाथरूम की नियमित साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और उन्हें सम्मानजनक वातावरण में अपने कार्य संपन्न करने की सुविधा मिल पाए।

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