

रायपुर|छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रचार – प्रसार पर किए गए खर्च को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक सावित्री मनोज मंडावी के प्रश्न के लिखित जवाब में सरकार ने बताया कि जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार – प्रचार पर कुल 1,095.20 करोड़ खर्च किए गए।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 27 महीनो की इस अवधि में सबसे अधिक 414. 01 करोड़ जमीनी प्रचार – प्रसार (फिल्म प्रदर्शन, लोक नृत्य, सेमिनार एवं अन्य गतिविधियों) पर खर्च किए गए। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 344.004 करोड़, प्रिंट मीडिया पर 198.26 करोड़, प्रशासन पर 19.7 करोड़, सोशल मीडिया पर 5.78 करोड़ और डिजिटल मीडिया पर 5.58 करोड़ खर्च किए गए ।
इन आंकड़ों के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे अब चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में प्रचार – प्रसार पर इतने बड़े खर्च को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।
वहीं, सरकार का पक्ष है कि जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना शासन की जिम्मेदारी है। उसके लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार – प्रसार आवश्यक है, ताकि पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंच सके।
यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप – प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।

