अछोली की नेहा वर्मा का क्रिकेट में बड़ा धमाका, मुंबई महिला टीम की कप्तानी मिलने का दावा

नौवीं कक्षा से शुरू हुआ सफर, गांव के मैदान से मुंबई तक पहुंची किसान की बेटी; बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बाद अब नेतृत्व की चर्चा

धमधा। कहते हैं कि सपने बड़े हों और मेहनत में दम हो, तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी सफलता के बड़े मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। धमधा विकासखंड के ग्राम अछोली की बेटी नेहा वर्मा की क्रिकेट यात्रा इसकी मिसाल है। नौवीं कक्षा से क्रिकेट खेलना शुरू करने वाली नेहा ने स्कूल स्तर से लेकर ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर तक अपने खेल का दम दिखाया। इसके बाद मुंबई की क्रिकेट अकादमी में ट्रायल के जरिए चयन हासिल कर अपने क्रिकेट करियर को नई दिशा दी। अब उनके मुंबई क्रिकेट से जुड़े सफर और महिला टीम की कप्तानी को लेकर सामने आए अपडेट ने क्षेत्र में उत्सुकता बढ़ा दी है।
स्कूल के मैदान से मुंबई की क्रिकेट अकादमी तक का सफर
नेहा वर्मा ने क्रिकेट की शुरुआत नौवीं कक्षा में स्कूल स्तर की प्रतियोगिता से की थी। ग्राम चिचा में स्कूल स्तर पर खेलने के बाद उन्होंने ग्राम बोरी में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद जिला स्तर पर राजनांदगांव और संभाग स्तर पर रायगढ़ में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। लगातार बेहतर प्रदर्शन और खेल के प्रति जुनून ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।
दिसंबर 2025 में रायगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में भी नेहा ने शानदार प्रदर्शन किया। इसी मेहनत के दम पर उन्हें मुंबई की क्रिकेट अकादमी में ट्रायल देने का अवसर मिला।
बाएं हाथ की बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी से बनाई पहचान
नेहा वर्मा बाएं हाथ की ओपनर बल्लेबाज हैं और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण हार्ड हीटर के रूप में पहचान बना चुकी हैं। बल्लेबाजी के साथ-साथ वह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं। यही ऑलराउंड क्षमता उन्हें दूसरी खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाती है।
14 से 18 मई को मुंबई में आयोजित ट्रायल में चयनित होने के बाद नेहा 14 जून को अकादमी में शामिल होने के लिए मुंबई पहुंचीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अकादमी में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा और वह टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेल चुकी हैं।
अब बड़े टूर्नामेंट में चमकने का लक्ष्य
नेहा का लक्ष्य क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ना और बड़े टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा साबित करना है। रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में चैंपियन बनने का सपना उनके आगामी क्रिकेट सफर की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
हालांकि, इन टूर्नामेंटों में खेलने के लिए संबंधित टीम में चयन और पात्रता जरूरी होती है। नेहा की मौजूदा टीम, टूर्नामेंट में भागीदारी और आधिकारिक चयन की स्थिति की पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
किसान परिवार की बेटी, गांव को नेहा से बड़ी उम्मीदें
नेहा वर्मा किसान चेतन वर्मा और गृहिणी हेमिन वर्मा की बेटी हैं। छह बहनों और एक भाई वाले परिवार में सबसे छोटी नेहा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने खेल को निखारने का प्रयास जारी रखा। गांव में मानक स्तर के क्रिकेट मैदान और बेहतर अभ्यास सुविधाओं की कमी के बावजूद उनका नियमित अभ्यास उनके समर्पण को दर्शाता है।
उन्होंने 12वीं की परीक्षा भी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है और आगे नर्सिंग की पढ़ाई करने की इच्छा जताई थी। खेल और शिक्षा के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ना उनके लिए एक अहम चुनौती और अवसर दोनों है।
अछोली की बेटी से जुड़ी हर उपलब्धि पर टिकी निगाहें
नेहा की सफलता ग्रामीण क्षेत्र की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित सुविधाओं के बीच अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं। स्कूल स्तर से शुरू हुआ उनका सफर अब मुंबई की क्रिकेट अकादमी तक पहुंच चुका है। आने वाले समय में उनका प्रदर्शन किस मुकाम तक पहुंचता है, इस पर क्षेत्र के खेलप्रेमियों की नजर रहेगी।

