Latest NewsTechदुर्गधमधा की खास खबरेंहादसा

DHAMDHA TODAY की खबर का असर: स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए ABVP ने उठाई कार्रवाई की मांग

धमधा। स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले को DHAMDHA TODAY द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) धमधा ने भी इस दिशा में पहल की है। परिषद ने क्षेत्र के स्कूल वाहनों के चालकों की नियमित जांच कराने और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO), दुर्ग को एसडीएम मैडम के माध्यम से पत्र भेजा गया है।

Advertisement

DHAMDHA TODAY की खबर के बाद विद्यार्थी परिषद ने उठाई आवाज

धमधा क्षेत्र में स्कूली बच्चों से भरी स्कॉर्पियो के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना ने बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। DHAMDHA TODAY ने इस घटना को प्रमुखता से उठाते हुए स्कूली बच्चों की सुरक्षा, निजी वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और वाहन चालकों की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने रखा था। अब ABVP धमधा ने भी मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है।

परसबोड़ चौक पर स्कूली बच्चों से भरी गाड़ी यात्री प्रतीक्षालय से टकराई

विदित हो कि 8 अक्टूबर 2026 को धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर परसबोड़ चौक के पास स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर यात्री प्रतीक्षालय से टकरा गई थी। जानकारी के अनुसार, वाहन में करीब 16 से 17 विद्यार्थी सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि यात्री प्रतीक्षालय की दीवार धराशायी हो गई और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

गनीमत रही कि इस घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। लेकिन इस हादसे ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर बच्चों को स्कूल से घर ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता है?

प्राप्त जानकारी के आधार पर वाहन चालक के शराब के नशे में होने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

स्कूल वाहनों के चालकों की नियमित जांच और कठोर कार्रवाई की मांग

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद धमधा ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय दुर्ग को एसडीएम के माध्यम से पत्र भेजकर स्कूल वाहनों के चालकों की नियमित जांच कराने की मांग की है। परिषद ने नशे की हालत में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है।

स्कूली बच्चे प्रतिदिन अपने घरों से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचने के लिए विभिन्न निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित आवागमन की उम्मीद के साथ इन वाहनों में भेजते हैं। ऐसे में वाहन चालक की लापरवाही या नशे की हालत में वाहन चलाना बच्चों की जिंदगी को गंभीर खतरे में डाल सकता है।

क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर भी उठे सवाल

इस घटना के बाद निजी स्कूल परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की निर्धारित क्षमता, फिटनेस, आवश्यक दस्तावेज और चालकों की पात्रता की नियमित जांच बेहद जरूरी है।

यदि किसी वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जा रहे हैं या यातायात नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, तो संबंधित विभाग को इसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अब परिवहन विभाग की कार्रवाई पर टिकी नजरें

ABVP की मांग के बाद अब देखना होगा कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय दुर्ग और स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या स्कूल वाहनों की नियमित जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा? क्या चालकों की स्थिति और वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल होगी? और क्या नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी?

Dhamdha Today की खबर के बाद विद्यार्थी परिषद द्वारा कार्रवाई की मांग उठाना इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग इस मांग पर गंभीरता से विचार करे और स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए प्रभावी कदम उठाए।

क्योंकि सवाल सिर्फ एक दुर्घटना का नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों की सुरक्षा का है, जिन्हें उनके माता-पिता हर दिन भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय रहते जांच, निगरानी और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।

Dhamdha Today — क्षेत्र की खबर, जनता की आवाज।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button