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धमधा में शिक्षा व्यवस्था पर BEO की सख्ती: स्कूलों का सघन निरीक्षण, लापरवाही पर नोटिस, अच्छी पढ़ाई वाले स्कूलों की सराहना

धमधा। छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता सुधारने और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश तथा जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में धमधा विकासखंड में शासकीय विद्यालयों का सघन निरीक्षण अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में विकासखंड शिक्षा अधिकारी BEO अथर्व शर्मा एवं सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी कैलाश साहू की संयुक्त टीम ने 3 जुलाई 2026 को घोटवानी, दिहपारा, भाटा कोकड़ी, हिरेतरा, खैरझिटी और धूमा स्थित शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण का व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, शिक्षण गुणवत्ता, मध्यान भोजन व्यवस्था, विद्यालय परिसर की साफ – सफाई तथा मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया। पूर्व माध्यमिक शाला घोटवानी में BEO अथर्व शर्मा ने कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारियों के योगदान की जानकारी दी। यहां विद्यार्थियों का अधिगम स्तर संतोषजनक पाया गया, वहीं विद्यालय की प्रिंट – रीच वॉल की अधिकारियों ने सराहना की।

हालांकि निरीक्षण में कुछ गंभीर कमियां भी सामने आई घोटवानी में कार्यरत छह रसोइयों में से तीन अनुपस्थित मिले, जिस पर संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। वहीं हायर सेकेंडरी स्कूल घोटवानी में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों का अंग्रेजी विषय अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया। इस पर प्राचार्य एवं संबंधित व्याख्याता को शिक्षण गुणवत्ता में सुधार, कक्षा 9वीं से 12वीं तक अतिरिक्त अभ्यास एवं प्रायोगिक कक्षाएं संचालित करने तथा विद्यालय परिसर की नियमित साफ – सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान पूर्व माध्यमिक शाला अकोली और अगार में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों को भी कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। वहीं पूर्व माध्यमिक शाला हीरेतरा में कक्षाओं की खराब प्रकाश व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए प्रधान पाठक को एक सप्ताह के भीतर तभी कक्षाओं में ट्यूबलाइट लगाने के निर्देश दिए गए तथा कारण बताओं नोटिस जारी किया गया।

दूसरी ओर, शासकीय प्राथमिक शाला खैरझीटी का प्रदर्शन अधिकारियों के लिए सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया। यहां कक्षा दूसरी से पांचवी तक के सभी बच्चे हिंदी का सुचारु पठन करने में सक्षम पाए गए तथा उन्हें 15 तक के पहाड़े भी याद मिले। अधिकारियों ने विद्यालय के शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बेहतर मॉडल बताया।

गौरतलब है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक द्वारा पूरे विकासखंड के शासकीय विद्यालयों में लगातार निरीक्षण कर शैक्षणिक गुणवत्ता अनुशासन और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्यवाही की जा रही है। ऐसे निरीक्षणों से जहां लापरवाही पर जवाब देही तय हो रही है, वहीं बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहन भी मिल रहा है, जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद और मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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