
₹15000 लेकर चार धाम यात्रा का वादा, यात्रियों का दावा – ना दो धाम के दर्शन हुए, न मिली तय सुविधा मिली
धमधा / चार धाम यात्रा के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ कथित धोखाधड़ी और आस्था से खिलवाड़ का मामला सामने आया है ! अलग-अलग जिलों से निकले दर्जनों यात्रियों ने टूर संचालक कोमल सिंह ठाकुर पर वादाखिलाफी, दुर्व्यवहार और अधूरी यात्रा करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं ! वही मामले में पुलिस की कार्यवाही को लेकर भी यात्रियों ने नाराजगी जताई है
जानकारी के अनुसार, यात्रियों से प्रति व्यक्ति ₹15000 लेकर 20 मैं से 4 जून तक चार धाम यात्रा करने का पैकेज तैयार किया गया था ! यात्रियों को भरोसा दिलाया गया था कि उन्हें एसी बस के माध्यम से केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री सहित चारों धाम के दर्शन कराए जाएंगे ! लेकिन यात्रा शुरू होते ही हालात बदल गए !
यात्रियों का आरोप है कि उन्हें एसी बस की जगह नॉन एसी बस में यात्रा कराई गई और चार धाम यात्रा के बजाय रतनपुर, इलाहाबाद, चित्रकूट, वृंदावन होते हुए हरिद्वार तक ले जाया गया हरिद्वार पहुंचने के बाद कथित रूप से टूट संचालक ने यह कहकर जिम्मेदारी से पलड़ा झाड़ लिया कि उसकी जवाबदारी सिर्फ हरिद्वार तक थी !
11वें दिन ही वापस लौटी बस, यात्रियों में आक्रोश
श्रद्धालुओं का कहना है कि चारधाम यात्रा पूरी करवाने के बजाय बस को 11वें दिन ही वापस मोड़ दिया गया। आरोप है कि यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और कुछ को बीच रास्ते में बस से उतार दिया गया, जिसके बाद उन्हें अपने स्तर पर वापस लौटने की व्यवस्था करनी पड़ी।
आक्रोशित यात्रियों ने दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र पहुंचकर बस रुकवाई और शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे। बस में कुल 41 यात्री सवार थे, जिनमें 14 यात्री ग्राम बिरजापुर (धमधा क्षेत्र) के तथा शेष यात्री राजनांदगांव जिले के बताए जा रहे हैं।
आधे पैसे लौटाने की मांग, पुलिस के समक्ष रखा पक्ष
यात्रियों ने टूर संचालक पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कम से कम आधी राशि वापस दिलाने की मांग की उसे समय थाना प्रभारी रामनारायण ध्रुव अवकाश पर थे, जिसके चलते प्रभारी के रूप में मौजूद अधिकारी महेश ध्रुव के समक्ष शिकायत रखी गई !
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने बस में मौजूद संचालक की पत्नी और ड्राइवर से पूछताछ की तथा यात्रियों को राशि लौटने के निर्देश दिए। बताया जाता है कि प्रत्येक यात्रियों को ₹5000 रुपए लौटाने की बात कही गई । अन्यथा धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने कीचेतावनी दी गई

14 यात्रियों को मिले केवल 2100 रुपये, बाकी 27 यात्रियों ने लगाया उपेक्षा का आरोप
यात्रियों का आरोप है कि रातभर की बातचीत के बाद बिरजापुर के 14 यात्रियों को मात्र 2100-2100 रुपये देकर मामला शांत कराने का प्रयास किया गया। वहीं अन्य 27 यात्रियों की शिकायतों पर अपेक्षित सुनवाई नहीं हुई।
आरोप है कि शेष यात्रियों को यह कहकर वापस भेज दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के थानों में शिकायत दर्ज कराएं। इससे कई यात्रियों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि जब सभी यात्री एक ही बस और एक ही मामले से जुड़े थे, तब सभी की शिकायतों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए थी।
आस्था के नाम पर कारोबार या श्रद्धालुओं से छल?
चार धाम यात्रा हिंदु श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है। ऐसे में यदि यात्रियों के आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल आर्थिक धोखाधड़ी का मामला नहीं श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक विश्वास के साथ भी गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।
अब सवाल यह है कि क्या यात्रियों को उनकी पूरी राशि वापस मिलेगी? क्या अतीत पूर्व संचालक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होगी? और क्या प्रशासन सभी प्रभावित यात्रियों की शिकायतो पर समान रूप से सुनवाई करेगा ?
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित यात्री न्याय का मांग कर रहे हैं
