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विकास बनाम विरोध : धमधा के वार्ड – 02 में सामुदायिक भवन को लेकर बड़ी राजनीतिक सरगर्मी

वार्ड क्रमांक 02 में प्रस्तावित सामुदायिक भवन को परिषद की मंजूरी, R.I. और पटवारी की रिपोर्ट में भूमि समतल व रिक्त ; पार्षद और स्थानीय रहवासी बोले – गरीबों के हित में जल्द शुरू हो निर्माण कार्य

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धमधा। नगर पंचायत धमधा के वार्ड क्रमांक 02 में अधोसंरचना मद से स्वीकृत 25 लख रुपए लागत वाले सामुदायिक भवन निर्माण का मार्ग अब लगभग साफ होता नजर आ रहा है। जिस भूमि को लेकर कुछ लोगों द्वारा इसे तालाब क्षेत्र बताकर आपत्ति दर्ज कराई जा रही थी, उस विवाद पर राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट ने नई तस्वीर सामने रख दी।

राजस्व नीरक्षक (आर आई ) एवं पटवारी द्वारा किए गए संयुक्त स्थल निरीक्षण में खसरा नंबर 1719/2 ( मद आबादी ) की लगभग 18 डिसमिल भूमि को पूरी तरह समतल और रिक्त बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान स्थिति में उसे स्थल पर तालाब का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया।

पहले भी हो चुके है निर्माण कार्य – स्थानीय लोगों के अनुसार जिस भूमि को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसी क्षेत्र में पूर्व में दो आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जा चुका है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 परिवारों के मकान भी बनाए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्षों से यह भूमि आबादी क्षेत्र के रूप में उपयोग में रही है।

नगर पंचायत परिषद की साधारण बैठक में सामुदायिक भवन निर्माण का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया जा चुका है  स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह भवन क्षेत्र के गरीब एवं मध्यमवर्गीयो का प्रमुख केंद्र बनेगा।

अतिक्रमण रोकने के लिए जरूरी बताया जा रहा है निर्माण – स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में बची हुई शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने के लिए वहां सामुदायिक भवन का निर्माण आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि भूमि खाली छोड़ी गई तो भविष्य में अवैध कब्जे और अतिक्रमण की आशंका बढ़ सकती है।


सर्वसमाज को मिलेगा लाभ – वार्ड क्रमांक 02 सहित आसपास की बस्तियों के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रम, बैठक एवं अन्य सामुदायिक आयोजनों के लिए कोई उपयुक्त भवन उपलब्ध नहीं है। सामुदायिक भवन बनने से मुसलमान समाज, ढीमर समाज, राउत समाज, गोंड़ समाज, मरार समाज सहित विभिन्न समुदायों के लोगों को सुविधा मिलेगी।

विरोध पर उठे सवाल – स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रहवासियों ने विरोध करने वाले लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2009 से 2015 के बीच जब इसी क्षेत्र में आंगनबाड़ी और अन्य निर्माण कार्य हुए, तब किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई। ऐसे में अब विकास कार्य का विरोध राजनीतिक कारणों से प्रेरित प्रतीत होता है।

क्या बोले जनप्रतिनिधि?

वार्ड क्रमांक 02 के पार्षद मलिक मोहम्मद कुरैशी ने कहा कि यह विरोध जनहित से अधिक राजनीतिक प्रेरित दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गरीब परिवार वर्षों से सामुदायिक भवन की मांग कर रहे हैं और अब स्वीकृति मिलने के बाद कुछ लोग अनावश्यक बाधा खड़ी कर रहे हैं।

वही नगर पंचायत अध्यक्ष श्वेता प्रशांत अग्रवाल ने कहा की परिषद की स्वीकृति और राजस्व जांच के बाद यह परियोजना पूरी तरह जनहित में है। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि को सुरक्षित रखते हुए उसे जन उपयोगी बनाना नगर पंचायत की जिम्मेदारी है और विकास कार्यों को भ्रामक प्रचार के आधार पर रोक नहीं जाना चाहिए।

प्रशासन से जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग – स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर एवं एसडीएम धमधा को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि स्वीकृत राशि और परियोजना को प्रभावित न होने दिया जाए तथा सामुदायिक भवन का निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। उनका कहना है कि वर्षों बाद मिली यह सौगात क्षेत्र के गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

अब निगाहें प्रशासन की अगले कदम पर टिकी है की जनहित से जुड़े प्रस्तावित इस सामुदायिक भवन का निर्माण कब शुरू होता है और लंबे समय से चली आ रही मांग को कब मूर्त रूप मिलता है।

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